विराट कोहली ने उस लम्हे को बयां किया जब धौनी ने सभी को चौंकाया था

05_01_2015-virat5सिडनी। महेंद्र सिंह धौनी के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के बाद अब टीम की जिम्मेदारी युवा कप्तान विराट कोहली के कंधों पर आ गई है। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के चौथे व अंतिम टेस्ट में उन्हें ही टीम की अगुआइ करनी होगी। विराट ने उम्मीद जताई है कि वो धौनी की तरह ही मैदान पर शांत और संयमित रहने का प्रयास करेंगे। विराट ने उस लम्हे का जिक्र भी किया जब धौनी ने मेलबर्न टेस्ट के बाद ड्रेसिंग रूम में आकर सभी को अपने फैसले की जानकारी देकर चौंका दिया था।  ‘हम हैरान रह गए थे

विराट ने उस लम्हे को अपने शब्दों में बयां किया जब महेंद्र सिंह धौनी ने सबसे पहले ड्रेसिंग रूम में आकर अपने संन्यास की खबर सबको दी थी। विराट ने कहा, ‘मेलबर्न टेस्ट के बाद हम (टीम इंडियाड्रेसिंग रूम में अपनी पैकिंग करने में व्यस्त थे। अचानक धौनी आए और वो कुछ कहना चाहते थे। फिर उन्होंने अपना फैसला सुनाया और हम सब हैरान रह गए थे। ये बहुत चौंकाने वाला था। हम इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे इसलिए ये और चौंकाने वाला था। हमें अंदाजा ही नहीं था कि हम क्या बोलें क्योंकि ये उनके (धौनी) लिए बेहद भावनात्मक लम्हा था। सिर्फ उनके लिए ही नहीं, हमारे लिए भी ये भावनात्मक था क्योंकि हम युवा खिलाड़ियों ने उन्हीं की कप्तानी में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। ये बेहद चौंकाने वाला पल था।विराट ने इस दौरान धौनी की जमकर तारीफ भी की। विराट ने कहा, ‘उनसे (धौनी) कितना कुछ सीखा जा सकता है। खासतौर पर कठिन स्थितियों में उनके रवैये को। ये चीजें अनमोल हैं और कोई भी कप्तान इसे अपने अंदर अपनाना चाहेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि मैं उनकी तरह शांत रह सकूं। एडिलेड टेस्ट से मिली सीख विराट ने कहा कि एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में अपनी कप्तानी के दौरान उन्होंने काफी कुछ सीखा और वो इसमें और सुधार करना चाहेंगे। विराट ने कहा, ‘एडिलेड टेस्ट के बाद कई ऐसी चीजें थीं जिन पर मैंने बाद में विचार किया और उसमे सुधार की जरूरत है। मैंने उन गलतियों के बारे में भी विचार किया जो उस टेस्ट में मैंने की थी। उम्मीद है इस बार मैं मैदान पर उन्हें नहीं दोहराउंगा और सही फैसले लूंगा। जहां तक अगले टेस्ट में टीम के नजरिए की बात है तो वो अब भी वैसा ही रहेगा जैसा कि पिछले तीन टेस्ट में था। हम वहां सकारात्मक होकर खेलना चाहेंगे और जीत के लिए खेलना चाहेंगे। हम बिल्कुल 20 विकेट ले सकते हैं, बस हमारे गेंदबाजों को थोड़ी निरंतरता लाने की जरूरत होगी। अगर गेंदबाज संयम से अपनी लाइन लेंथ बरकरार रखते हैं तो ये मुमकिन है मुझे अपने बाल प्यारे हैं

विराट ने चौथे टेस्ट में एक कप्तान के तौर पर उतरने के दबाव के बारे में कहा, ‘मुझे पता है कि एक भारतीय कप्तान के तौर पर कितना दबाव रहने वाला है। मुझे अपने बाल प्यारे हैं और मैं उन्हें गंवाना नहीं चाहता। इसलिए मैं ज्यादा दबाव न लेते हुए अपनी भूमिका का लुत्फ उठाने का प्रयास करूंगा। कप्तानी अच्छी है या बुरी ये काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी टीम कैसा खेल रही है। कप्तान के तौर पर मेरा पहला लक्ष्य है टीम को एकसाथ लेकर चलना और अगर सब एक दिशा में चलते हैं तो ये संतोषजनक होगा। ये टीम काफी शानदार है और मुझे इस टीम से भविष्य में बहुत उम्मीदें हैं।’

 

 

 

 

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