सुप्रीम कोर्ट भी CJP के निशाने पर आ गया है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने SIR मुद्दे पर कहा - शीर्ष अदालत भी बराबर की दोषी है।मुंबई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि जब SC में याचिका है तो फैसले का इंतजार क्यों नहीं करते, तो दीपके भड़क गए। बोले - "किस सुप्रीम कोर्ट की बात कर रहे हो? वही जिसने बंगाल में लाखों को वोट नहीं देने दिया और कहा अगली बार वोट कर देना।"दरअसल अप्रैल में CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने बंगाल SIR में नाम कटने वाले 65 चुनाव कर्मियों की याचिका सुनने से मना कर दिया था। जस्टिस बागची ने कहा था - "इस बार वोट नहीं डाल पाए तो वोटर लिस्ट में रहने का हक तो रहेगा।"इसी बयान से दीपके नाराज हैं।CJP शुक्रवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जेल भरो आंदोलन शुरू कर रही है, पुलिस ने परमिशन नहीं दी है।