मुंबई के पास तो समुद्र है, फिर भी हवा दिल्ली से ज्यादा जहरीली कैसे हो गई? यह सवाल अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी पूछा है।देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की एयर क्वालिटी (AQI) दिल्ली से भी खराब हो गई है। 2026 में यह दूसरा मौका है जब मुंबई भारत की प्रदूषण रैंकिंग में सबसे ऊपर रहा और दुनिया में 5वें स्थान पर पहुंच गया। बीते 15 अक्टूबर को मुंबई का AQI 152 दर्ज किया गया था, जबकि इस साल जनवरी और फरवरी में यह आंकड़ा लगभग 400 तक पहुंच गया था।मुंबई की हवा खराब होने के 5 बड़े कारण:1. हवा की धीमी गति: इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई की तटीय स्थिति आमतौर पर प्रदूषण को कम करती है, लेकिन हवा की गति धीमी होने से यह फायदा खत्म हो गया। धीमी हवा के कारण वाहनों और निर्माण कार्यों से निकला प्रदूषण जमीन के करीब जमा हो रहा है।2. पराली और कचरा जलाना: मुंबई के भीतरी इलाकों, ठाणे के भिवंडी और रायगढ़ के अलीबाग में खेतों में पराली और सड़कों किनारे कचरा जलाया जा रहा है। सड़क किनारे कचरा जलने वाली जगहों पर PM2.5 का स्तर 1000 से भी ऊपर पहुंच गया, जबकि अलीबाग में 300-400 के बीच दर्ज किया गया।3. अल नीनो का असर: इस साल अल नीनो के कारण सर्दियां कम और तापमान ज्यादा रहने की संभावना है। जमीन के पास की गर्म हवा प्रदूषकों को ऊपर धकेलती है, लेकिन ऊपर की ठंडी हवा उन्हें रोक देती है, जिससे प्रदूषण फैलने के बजाय एक जगह फंस जाता है।4. दूसरे राज्यों से आती हवा: अक्टूबर-नवंबर में हवाएं उत्तर-पूर्व से आती हैं, जो मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में जल रही पराली का धुआं मुंबई तक ला रही हैं।5. त्योहारों में पटाखे: मौसम का असामान्य रूप से गर्म और उमस भरा होना, मानसून में कम बारिश और त्योहारों पर पटाखों का इस्तेमाल इस जहरीले मिश्रण को और खतरनाक बना रहा है।हाईकोर्ट ने मांगा जवाब:प्रदूषण के इस संकट पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इसे 'आपातकालीन' करार दिया है। कोर्ट ने अधिकारियों से सवाल पूछा है कि समुद्र किनारे होने के बावजूद मुंबई दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित कैसे हो सकता है? कोर्ट ने 26 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का पूरा विवरण मांगा है।