नीला ड्रम हत्याकांड में जिस मकान में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या की थी, वह मकान करीब 19 महीने बाद बुधवार को खोला गया। अब दिवाली के बाद मकान मालिक उसका शुद्धिकरण और हवन कराएगा।मकान मालिक ओमपाल सिंह ने बताया कि हत्या के बाद से मकान का एक हिस्सा बंद पड़ा था, जिससे उन्हें करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। ओमपाल सिंह मूल रूप से पलवल के हथीन गांव के रहने वाले हैं और खंदक बाजार में कपड़े का कारोबार करते थे, लेकिन बेटे विकास की बीमारी से मौत के बाद काम बंद कर दिया था।19 महीने बाद टूटे ताले, फूट-फूट कर रोया परिवारबुधवार शाम करीब 5 बजे ब्रह्मपुरी पुलिस की मौजूदगी में मुख्य गेट और अंदर के दरवाजे पर लगे ताले ईंटों से तोड़े गए। पुलिस ने सौरभ की मां रेणू देवी, बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल की मौजूदगी में घर की तलाशी ली और सामान की लिस्ट बनाकर सौरभ का सामान उसके भाई राहुल को सौंप दिया।जिस कमरे में सौरभ की हत्या हुई थी, वहां पहुंचते ही मां रेणू और भाई राहुल भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे।पलंग के बॉक्स से आ रही थी दुर्गंध18 मार्च 2025 से बंद पड़े मकान में घुसते ही तेज दुर्गंध महसूस हुई। पलंग के बॉक्स से भी बदबू आ रही थी। लंबे समय से बंद होने के कारण कमरों में कपड़े, जूते, बर्तन और घरेलू सामान बिखरा पड़ा था।कैसे हुई थी सौरभ की हत्याब्रह्मपुरी के इंदिरानगर में ओमपाल सिंह के मकान में मुस्कान और सौरभ किराए पर रहते थे। सौरभ नौकरी के लिए लंदन गया था, जबकि मुस्कान बेटी पीहू के साथ यहीं रह रही थी। इसी दौरान मुस्कान का बचपन के दोस्त साहिल से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।फरवरी 2025 में सौरभ पत्नी और बेटी के जन्मदिन के लिए मेरठ लौटा था। 3 मार्च की रात मुस्कान ने खाने में बेहोशी की दवा देकर सौरभ को बेहोश कर दिया और फिर साहिल के साथ मिलकर चाकू से हत्या कर दी। शव के 5 टुकड़े कर सिर धड़ से अलग कर दिया और नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से जमा दिया। इसके बाद दोनों हिमाचल घूमने चले गए। 18 मार्च को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था।