प्रीम कोर्ट ने मऊ पुलिस की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा है कि 2023 से अब तक मऊ में तैनात रहे सभी SP पर विभागीय जांच शुरू की जाए।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने 21 सितंबर को सुनवाई के दौरान पाया कि 2017 के एक अपहरण केस में 54 गवाहों में से सिर्फ 2 से ही पूछताछ हुई है, जबकि 2023 में ही आरोप तय हो गए थे।कोर्ट ने इसे पूरी तरह से लापरवाही बताया और कहा कि 2 हफ्ते में कार्रवाई शुरू कर 16 नवंबर की अगली सुनवाई से पहले मुख्य सचिव खुद हलफनामा दायर कर बताएं कि क्या एक्शन लिया गया।
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