जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत मेंराजधानी दिल्ली में होने वाले एक बड़े विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले, लोकप्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम आवास से हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं।गुरुग्राम आवास पर पुलिस की बड़ी कार्रवाईप्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक बड़ी टीम (लगभग 50 कर्मी) शुक्रवार सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में ध्रुव राठी के घर पहुँची। पुलिसकर्मी उनके आवास के अंदर दाखिल हुए और उन्हें हिरासत में ले लिया। घटना के समय घर पर उनकी माताजी भी मौजूद थीं। हालांकि, इस हिरासत को लेकर दिल्ली या गुरुग्राम पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है।हाल ही में लौटे थे भारत और घूमे थे इंडिया गेटध्रुव राठी हाल ही में 8 अक्टूबर को भारत लौटे हैं। देश लौटने के बाद सबसे पहले वह बेंगलुरु पहुंचे थे, जहां उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इसके बाद, वह 9 अक्टूबर की रात को दिल्ली पहुंचे और उन्होंने इंडिया गेट से सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो भी साझा किया था। उनकी योजना शनिवार को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले एक प्रदर्शन में शामिल होने की थी, लेकिन उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया।नागरिकता और वीजा नियमों को लेकर उठे सवालध्रुव राठी की भारत वापसी और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को लेकर कानूनी और राजनीतिक स्तर पर सवाल भी उठने लगे हैं। बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता, आव्रजन (Immigration) स्थिति और वीजा नियमों के अनुपालन की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।राव ने अपने पत्र में यह मुख्य मुद्दा उठाया है कि क्या जर्मनी के नागरिक माने जाने वाले राठी किसी भारतीय राजनीतिक प्रदर्शन या संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ आयोजित कार्यक्रमों में कानूनी रूप से भाग ले सकते हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय से उनके पासपोर्ट विवरण, वीजा श्रेणी और प्रवास की शर्तों की गहराई से पुष्टि करने का अनुरोध किया है।