दुनिया भर के बाजारों में हाहाकार मचा है, लेकिन भारतीय बाजार में दिवाली जैसा माहौल है। गुरुवार 15 अक्टूबर को जब अमेरिका से लेकर जापान तक के बाजार टूट रहे थे, तब भारत में सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा उछलकर 73,896 तक पहुंच गया और निफ्टी भी 327 अंक चढ़कर 22,950 के पार निकल गया।दुनिया में क्या हुआ?अमेरिका का नैस्डैक 2% टूट गया, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% तक लुढ़क गया और ताइवान का बाजार 4% गिर गया। वजह बनी AI शेयरों में जमकर बिकवाली। AI शेयरों का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा हो गया था, इसलिए निवेशकों ने वहां से पैसा निकालना शुरू कर दिया।फिर भारत क्यों भागा? 3 बड़े कारण1. बड़े शेयरों में खरीदारी:जब बाजार डर में होता है तो निवेशक छोटी कंपनियों की जगह बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों में पैसा लगाते हैं। आज भारती एयरटेल, ICICI बैंक, HDFC बैंक, रिलायंस, इंफोसिस और TCS जैसे दिग्गज शेयरों में जमकर खरीदारी हुई। इसीलिए सेंसेक्स भागा, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.50% टूट गए।2. AI क्रैश से भारत को फायदा:पिछले एक साल से विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकालकर AI वाले देशों जैसे ताइवान, कोरिया, अमेरिका में लगा रहे थे। अब वहां AI शेयर टूट रहे हैं तो पैसा फिर से भारत की तरफ आ सकता है। भारत में AI शेयरों की हिस्सेदारी कम है, इसलिए यहां गिरावट का डर भी कम है।3. कंपनियों के अच्छे नतीजे:दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे आने लगे हैं। TCS और HCL Tech ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे IT सेक्टर में भरोसा लौटा है और निफ्टी IT इंडेक्स तीन दिन में 9% से ज्यादा चढ़ गया है।आगे क्या?एक्सपर्ट मान रहे हैं कि निवेशकों को चुन-चुनकर बड़े शेयरों में ही रहना चाहिए। कच्चे तेल के दाम, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की वापसी पर ही आगे बाजार की दिशा तय होगी।