तूफान अर्नब का प्रभाव कम होने के बाद भी मध्य प्रदेश में मौसम की बेरुखी बरकरार है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और शहडोल समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल और मंडियों में रखे अनाज को भारी नुकसान पहुंच रहा है। आंधी-बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। 2 नवंबर तक प्रदेश में ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रहेगा।इन जिलों में बारिश का येलो अलर्टअगले 24 घंटे में सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्ना जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट है।इन जिलों में 30 से 40 KM की स्पीड से हवाएंअशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट है।कल इन जिलों में अलर्ट1 नवंबर को छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।पिछले 24 घंटे का हालरीवा और सागर संभागों में कई स्थानों पर, ग्वालियर, चंबल और शहडोल में कुछ स्थानों पर बारिश हुई है। भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर में इक्का-दुक्का जगह गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।तापमान में गिरावटग्वालियर और चंबल संभागों में अधिकतम तापमान में 6.2 से 6.6 डिग्री तक की गिरावट आई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर संभागों में 2.7 से 3.6 डिग्री तक पारा गिरा है।बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टममौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर एक और सिस्टम बन रहा है जो गंभीर कम दबाव में बदल सकता है। 2 नवंबर तक इसके आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दक्षिण भारत में भारी बारिश हो सकती है।